मुख्य ख़बर कृषि

30% पानी के खर्च के साथ मल्टीलेयर फार्मिंग से किसानों की आय में होगी वॄद्धि

Multilayer Farming
Did you enjoy this post? Please Spread the love ❤️

10 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य और पूर्व राज्यसभा सदस्य रवींद्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) की अध्यक्षता में संचालित आद्या ऑर्गेनिक के नोएडा स्थित कृषि फार्म पर मल्टीलेयर फार्मिंग के चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई किसान प्रशिक्षण ले रहे हैं और मल्टीलेयर कृषि से अपनी आय को सात आठ गुना अधिक बढ़ाने के तकनीकी सीख रहे हैं।

एक सप्ताह के मल्टीलेयर फार्मिंग के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पांचवें दिन मध्यप्रदेश के सागर निवासी और जैविक कृषि वैज्ञानिक आकाश चौरसिया ने कहा कि पानी कृषि के लिए आवश्यक तत्व है।प्रकृति से प्राप्त और सीमित पानी का जिस तरह भयंकर संकट लगातार सामने आ रहा है उससे पानी के बिना कृषि की कल्पना नही की जा सकती लेकिन मल्टीलेयर कृषि की तकनीकी को अपना कर 30 प्रतिशत से कम पानी से एक साथ एक भूमि पर पांच फसलों को उगाकर पानी की बचत के साथ साथ किसान अपनी आय को न सिर्फ दोगुना बल्कि सात आठ गुना बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पांच फसलों का कुल खाद, कीटनाशक,ग्रोथ प्रमोटर का इनपुट एक फसल के इनपुट से कम होता है।पानी तो 30 प्रतिशत से भी कम लगता है।प्रशिक्षण शिविर को महिला और बाल विकास मंत्रालय की विशेष सचिव एवं निदेशक श्रीमती रश्मि सिंह , आईएएस ने संबोधित करते हुए कहा कि कृषि ही देश में महिलाओं की आजीविका का प्रमुख साधन है । छोटी सी जगह में ऐसा पैदावार करना जिससे पूरे साल किसानों को खासकर महिलाओं को कुछ न कुछ पूरे साल आर्थिक लाभ होता रहे , यह अत्यंत ही सुखद परिकल्पना है।

उत्तर प्रदेश के अवकाश प्राप्त प्रमुख चीफ कोंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट आरके सिंह ने जैव विविधता की चर्चा करते हुए कहा कि प्रकृति तो अपना श्रृंगार स्वयं तय करती है । यह यदि समझ लेंगे तो जैव विविधता को समझ लेंगे । जैव विविधता से ही सही ढंग की प्राकृतिक कृषि सम्भव है। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के राष्ट्रीय प्रबंधक राजीत सिन्हा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।इस बात की जानकारी पूर्व राज्यसभा सदस्य आरके सिन्हा के प्रतिनिधि ने आरा में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।

उल्लेखनीय है कि भोजपुर जिले के कोइलवर प्रखण्ड स्थित बहियारा गांव में ऑर्गेनिक फार्मिंग की शुरुआत भी पूर्व राज्यसभा सांसद सिन्हा ने कराया है और यूपी के नोएडा में चल रहे प्रशिक्षण शिविर की तरह बहियारा के कृषि फार्म पर भी समय समय पर जैविक कृषि वैज्ञानिको को आमंत्रित कर प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।नोएडा में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में भोजपुर के लोग भी सोशल मीडिया और ऑनलाइन तरीके से जुड़ कर मल्टीलेयर फार्मिंग की तकनीकी सिख रहे हैं और जैविक कृषि वैज्ञानिक आकाश चौरसिया और अन्य अतिथियों के अनुभव का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *